आखिरी अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
तुलना करते समय किन बातों को ज़्यादा महत्व दें
दो फोन की स्पेसिफिकेशन शीट देखकर अक्सर लगता है कि दोनों लगभग एक जैसे हैं। असली फर्क कुछ खास चीज़ों में होता है: प्रोसेसर की ताकत, स्क्रीन की क्वालिटी, कैमरे में OIS, बैटरी और चार्जिंग, और कंपनी कितने साल तक सॉफ्टवेयर अपडेट देगी। यह टूल इन सभी को एक तालिका में रखता है और हर पंक्ति में बेहतर विकल्प को हरा कर देता है।
तालिका कैसे पढ़ें
- परफॉर्मेंस स्कोर: हमारा अनुमानित स्कोर है, जो बेंचमार्क के आधार पर प्रोसेसरों को एक पैमाने पर रखता है। 20–30% से कम का फर्क आम इस्तेमाल में शायद ही महसूस होता है।
- स्क्रीन: AMOLED/pOLED रंग और काले रंग में LCD से बेहतर होती है। HD+ के मुकाबले FHD+ और 1.5K ज़्यादा साफ़ दिखते हैं।
- कैमरा: OIS वाला 50MP कैमरा अक्सर बिना OIS वाले 108MP या 200MP से बेहतर रात की फोटो और वीडियो देता है।
- बैटरी: 6000 mAh से ऊपर की बैटरी आम तौर पर डेढ़ से दो दिन चलती है, लेकिन बड़ी बैटरी के साथ धीमी चार्जिंग हो तो पूरा चार्ज होने में घंटों लगते हैं — चार्जिंग टाइम देखें।
- "—" का मतलब: उस जानकारी की हमें पक्की पुष्टि नहीं मिली। ऐसे में कंपनी की वेबसाइट पर देखें।
कब कौनसा फोन चुनें
अगर आप फोन 3–4 साल चलाने वाले हैं, तो लंबे अपडेट और बेहतर प्रोसेसर को प्राथमिकता दें। अगर फोटो-वीडियो ज़्यादा बनाते हैं, तो OIS और अल्ट्रावाइड लेंस देखें। और अगर दिन भर बाहर रहते हैं, तो बैटरी और चार्जिंग सबसे ज़रूरी है। अपनी ज़रूरत तय न कर पा रहे हों, तो ड्रीम फोन फाइंडर से शुरुआत करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
तुलना का लिंक किसी को भेज सकता हूँ?
हाँ, फोन चुनते ही पेज का पता (URL) बदल जाता है। उसे कॉपी करके WhatsApp पर भेजें — खोलने वाले को वही तुलना दिखेगी।
कीमत में अंतर क्यों है?
हम सबसे सस्ते वेरिएंट की लगभग कीमत दिखाते हैं। ज़्यादा RAM/स्टोरेज वाले वेरिएंट महंगे होते हैं, और सेल में दाम बदलते रहते हैं।
क्या ये फोन भारत में मिलते हैं?
हाँ, इस टूल में सिर्फ़ वही फोन हैं जो भारत में आधिकारिक रूप से बिक रहे हैं।
फोन का डेटा कंपनियों और बड़े रिटेल प्लेटफॉर्म पर दी गई जानकारी से इकट्ठा किया गया है। कीमतें रोज़ बदलती हैं — खरीदने से पहले आज का दाम और वेरिएंट ज़रूर देखें।