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असली कीमत कैलकुलेटर

ऑफर, एक्सचेंज और EMI जोड़-घटाकर जानें कि फोन या गैजेट असल में कितने का पड़ेगा — No-Cost EMI के छिपे खर्च समेत।

वेबसाइट या दुकान पर जो कीमत लिखी है (MRP नहीं)।
जो छूट बिल में ही कम हो जाती है।
जांच के बाद पक्की होने वाली रकम डालें, "Up to" वाली नहीं।
भुगतान कैसे करेंगे?
क्रेडिट कार्ड EMI पर आम तौर पर 13–24% सालाना। अपने बैंक की दर देखें।
कई बैंक ₹99–₹299 लेते हैं; इस पर भी 18% GST लगता है।

आपकी असली कीमत

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    आखिरी अपडेट: 1 अक्टूबर 2026

    यह कैलकुलेटर क्या बताता है

    ऑनलाइन सेल में किसी फोन पर एक साथ कई ऑफर दिखते हैं: बैंक छूट, एक्सचेंज बोनस, कूपन, कैशबैक और "No-Cost EMI"। हर ऑफर अलग शर्तों के साथ आता है, इसलिए आखिर में जेब से कितना जाएगा, यह अक्सर साफ़ नहीं होता। यह कैलकुलेटर इन सभी को एक बिल की तरह जोड़ता-घटाता है और वो खर्च भी दिखाता है जो ऑफर पेज पर बड़े अक्षरों में नहीं लिखे होते, जैसे ब्याज पर GST और प्रोसेसिंग फीस।

    No-Cost EMI पूरी तरह "नो-कॉस्ट" क्यों नहीं होती

    No-Cost EMI में बैंक आपसे असल में ब्याज लेता है, लेकिन दुकानदार या ब्रांड उतनी ही रकम की छूट पहले दे देता है, ताकि कुल किस्तें फोन की कीमत के बराबर दिखें। दिक्कत यह है कि बैंक जो ब्याज वसूलता है, उस पर 18% GST अलग से लगता है, और वह GST आपको देना पड़ता है। इसके साथ ज़्यादातर बैंक प्रोसेसिंग फीस भी लेते हैं, जिस पर फिर 18% GST जुड़ता है।

    एक और बात ध्यान रखें: कई बार बैंक की तुरंत छूट सिर्फ़ पूरे भुगतान पर मिलती है, No-Cost EMI पर नहीं। ऐसे में EMI चुनने से आप छूट भी गंवा देते हैं। इस कैलकुलेटर में आप "बैंक छूट" को शून्य करके और भुगतान का तरीका बदलकर दोनों स्थितियों की तुलना कर सकते हैं।

    हिसाब कैसे लगता है

    पहले बिक्री कीमत में से बैंक छूट, कूपन और एक्सचेंज की रकम घटाई जाती है। जो बचता है, वही आपकी EMI की मूल रकम है। फिर बैंक की सालाना दर और महीनों के हिसाब से सामान्य EMI फॉर्मूले से कुल ब्याज निकाला जाता है:

    EMI = P × r × (1+r)n ÷ ((1+r)n − 1), जहाँ P मूल रकम, r मासिक ब्याज दर (सालाना दर ÷ 12 ÷ 100) और n महीनों की संख्या है। कुल ब्याज = EMI × n − P।

    No-Cost EMI में यह ब्याज छूट से कट जाता है, इसलिए सिर्फ़ ब्याज पर 18% GST और प्रोसेसिंग फीस (GST सहित) जोड़ी जाती है। सामान्य EMI में ब्याज, उस पर GST और फीस, तीनों जुड़ते हैं। आखिर में कैशबैक घटाया जाता है, क्योंकि वह बाद में वापस मिलता है।

    उदाहरण 1: ₹30,000 का फोन, 6 महीने की No-Cost EMI

    बैंक छूट ₹2,000 मिली, तो EMI की रकम ₹28,000 हुई। 16% सालाना दर पर 6 महीने में बैंक का ब्याज लगभग ₹1,321 बनता है, जो छूट से कट जाता है। लेकिन उस ब्याज पर 18% GST लगभग ₹238 और ₹199 फीस पर GST मिलाकर ₹235 आपको देने होंगे। यानी फोन असल में लगभग ₹28,473 का पड़ा, ₹28,000 का नहीं।

    उदाहरण 2: वही फोन, 12 महीने की सामान्य EMI

    ₹28,000 पर 16% दर से 12 महीने की किस्त लगभग ₹2,540 बनती है। कुल ब्याज करीब ₹2,486, उस पर GST ₹447 और फीस ₹235 जोड़कर फोन लगभग ₹31,168 का पड़ता है — यानी पूरे भुगतान से करीब ₹3,168 ज़्यादा।

    आम गलतियां जिनसे बचें

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    क्या ब्याज पर GST सच में लगता है?

    हाँ। बैंक की ब्याज वसूली पर 18% GST लगता है, और No-Cost EMI में भी ब्याज लगता है — बस उसकी भरपाई छूट से होती है। इसलिए GST की रकम आपको अपनी तरफ़ से चुकानी पड़ती है। यह आम तौर पर कार्ड स्टेटमेंट में अलग लाइन में दिखता है।

    बैंक की ब्याज दर कहाँ देखूं?

    EMI चुनते समय भुगतान पेज पर हर बैंक की दर और कुल ब्याज दिखाया जाता है। वहीं से दर और प्रोसेसिंग फीस यहाँ डालें, ताकि हिसाब आपके कार्ड के मुताबिक बने।

    डेबिट कार्ड या कार्डलेस EMI पर भी यही हिसाब है?

    मूल फॉर्मूला वही है, लेकिन इनकी दरें और फीस अक्सर क्रेडिट कार्ड से अलग होती हैं। अपनी दर और फीस डालकर हिसाब देखें।

    क्या यह नतीजा बिल्कुल सटीक है?

    यह एक भरोसेमंद अनुमान है। बैंक ब्याज की गणना और GST को राउंड करने का तरीका थोड़ा अलग रख सकते हैं, इसलिए अंतिम रकम में कुछ रुपये का फर्क हो सकता है।

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